कहते हैं हर क़ल बादशाह हैं खास मिट्टी से बनी सुराही से ठंडा पानी लेकर पीता था तो दुनिया उसकी इस आसाइश पर हसद किया करती थी, तो अगर उसे आप अपन...
कहते हैं हर क़ल बादशाह हैं
खास मिट्टी से बनी सुराही से ठंडा पानी लेकर पीता था तो दुनिया उसकी इस आसाइश पर हसद किया करती थी, तो अगर उसे आप अपने घर के फ्रिज का पानी पेश करेंगे तो वह क्या सोचेगा.?
अगर क़ारून को बता दिया जाए कि आपकी जेब में रखा एटीएम कार्ड उसके खज़ानों की उन चाभियों से ज़्यादा बेहतर है जिन्हें उसके वक़्त के ताक़तवर तरीन इंसान भी उठाने से आजिज़ थे तो क़ारून पर क्या बीतेगी.?
अगर कसरा को बता दिया जाए कि आपके घर की बैठक में रखा सोफा उसके तख्त से ज़्यादा आरामदेह है तो उसके दिल पर क्या गुज़रेगी.?
और अगर क़ैसर रोम को बता दिया जाए कि उसके गुलाम शुतुरमुर्ग के परों से बने जिन पंखों से उसे हवा पहुंचाया करते थे आपके घर के पंखे और एसी के हज़ारवें हिस्से के बराबर भी नहीं थे तो उसे कैसा लगेगा.?
आप अपनी खूबसूरत कार लेकर हलाकु खान के सामने फर्राटे भरते हुए गुज़र जाएं, क्या अब भी उसकी अपने घोड़ों पर गुरुर और घमंड होगा.?
खलीफा मंसूर के गुलाम उसके लिए ठंडे और गर्म पानी को मिला कर ग़ुस्ल का एहतिमाम करते थे और वह अपने आप में फूला नहीं समाया करता था, कैसा लगेगा ? उसे अगर वह आपके घर में गीज़र देख ले. ,.
जनाब आप बादशाहों की सी राहत में नहीं रह रहे हैं बल्कि सच यह है कि बादशाह आप जैसी राहत का सोच भी नहीं सकते थे, मगर क्या कीजिए कि आप से तो जब भी मिलें आप अपने नसीब से नालॉ ही नज़र आते हैं, ऐसा क्यो है ? कि आपकी जितनी राहतें और उसअतें बढ़ रही हैं आपका सीना उतना ही तंग होता जा रहा है।
अल्हमदुलिलाह पढ़िए, शुक्र अदा कीजिए, खालिक़ की इन नेयमतों का जिनका शुमार भी नहीं किया जा सकता ....

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